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अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास से पहले उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल

सियोल | दक्षिण कोरिया और अमेरिका के वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास से पहले उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह पूर्वी समुद्र की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, एक सप्ताह से भी कम समय में यह उत्तर कोरिया का दूसरा मिसाइल परीक्षण है।

दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइल प्रक्षेपण का पता सुबह करीब छह बजे पूर्वी तट के वॉनसन क्षेत्र से चला। मिसाइल ने 700 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारी इसके प्रकार और तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं।

सेना ने अभी मिसाइल के प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, इसकी उड़ान दूरी को देखते हुए इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल माना जा रहा है। उत्तर कोरिया के पास केएन-23 जैसी मिसाइलें हैं, जिन्हें रूस की इस्कंदर प्रणाली से मिलती-जुलती माना जाता है। इनकी अनुमानित मारक क्षमता 700 से 800 किलोमीटर तक है।

संयुक्त सैन्य अभ्यास से पहले बढ़ा तनाव

यह परीक्षण पिछले गुरुवार हुए मिसाइल प्रक्षेपण के छह दिन बाद किया गया है। उस समय दक्षिण कोरियाई सेना ने इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल बताया था।

ताजा प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका अगले सप्ताह अपना प्रमुख वार्षिक ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास शुरू करने वाले हैं। उत्तर कोरिया इन संयुक्त अभ्यासों का लगातार विरोध करता रहा है और इन्हें युद्ध की तैयारी बताता है।

उत्तर कोरिया पहले भी ऐसे सैन्य अभ्यासों से पहले या उसके दौरान मिसाइल और हथियारों का परीक्षण कर अपना विरोध दर्ज कराता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुधवार का परीक्षण पिछले सप्ताह के प्रक्षेपण को दोहराने या नई मिसाइल प्रणाली की क्षमता जांचने की कोशिश हो सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कोरियन स्टडीज के प्रोफेसर यांग मू-जिन ने कहा कि यह परीक्षण पिछले सप्ताह के संभावित विफल प्रक्षेपण को दोहराने की कोशिश हो सकता है। उन्होंने यह संभावना भी जताई कि उत्तर कोरिया यूक्रेन युद्ध के अनुभवों को देखते हुए ह्वासोंग-11 मिसाइलों में सुधार की क्षमता का परीक्षण कर रहा हो।

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने की निंदा

दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने प्रक्षेपण के शुरुआती चरण से ही मिसाइल पर नजर रखी। दोनों देशों ने जापान के साथ भी संबंधित जानकारी साझा की। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय ने तत्काल बैठक कर परीक्षण के सुरक्षा प्रभावों का आकलन किया।

जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के विदेश नीति अधिकारियों ने फोन पर बातचीत की। तीनों देशों ने कहा कि उत्तर कोरिया का बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है। उन्होंने प्योंगयांग से उकसावे वाली गतिविधियां रोकने की अपील की।

अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने कहा कि शुरुआती आकलन के अनुसार मिसाइल प्रक्षेपण से अमेरिका या उसके सहयोगियों के लिए तत्काल खतरा पैदा नहीं हुआ है। बुधवार का परीक्षण इस वर्ष उत्तर कोरिया का 11वां मिसाइल प्रक्षेपण बताया गया है। संयुक्त सैन्य अभ्यास से ठीक पहले हुए इस परीक्षण से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं।

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