एक बयान, एक शिकायत और अब CID की एंट्री… बढ़ा सस्पेंस

कोलकाता। सीआईडी की टीम शुक्रवार को इसी मामले में नोटिस देने के लिए अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंची थी। हालांकि, उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। बताया गया है कि सीआईडी अधिकारियों के पहुंचने से कुछ समय पहले ही वह वहां से निकल चुके थे। परिवार और आवास से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी अधिकारियों को बताया गया कि अभिषेक बनर्जी पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुखा ममता बनर्जी के आवास पर एक बैठक में शामिल होने गए हैं। इसके चलते जांच एजेंसी उन्हें नोटिस नहीं सौंप सकी। सूत्रों का कहना है कि सीआईडी अब अगले सप्ताह पूछताछ के लिए उन्हें तलब कर सकती है। इसी दौरान अभिषेक बनर्जी के आवास पर उनके वकील भी पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही वे कोई प्रतिक्रिया देंगे।मामला अभिषेक बनर्जी की उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि “चार तारीख के बाद डीजे बजेगा।” अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा था कि “ममता जितनी भी उदार हों, चार तारीख के बाद जवाब दिया जाएगा।” इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि यह राजनीतिक विरोधियों को धमकी देने वाला और उकसावे वाला वक्तव्य है। इसी टिप्पणी के आधार पर दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने शुक्रवार को नोटिस देने की कोशिश की। मामले की जांच जारी है और एजेंसी आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर से लाेकसभा सांसद व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर शुक्रवार शाम एक बार फिर अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की एक टीम पहुंची। सीआईडी अधिकारियों ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ टिप्पणी से जुड़े एक मामले में उन्हें नोटिस देने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी द्वारा की गई एक टिप्पणी को लेकर दर्ज शिकायत से संबंधित है। शुरुआत में इस संबंध में बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में मामले की जांच विधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने ने की। इसके बाद जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंप दी गई।

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