नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल में व्यापक सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परीक्षा से जुड़े सभी स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और एनटीए की गोपनीय संचालन व्यवस्था (सीओएनओपीएस) के ढांचे में पूरी तरह बदलाव करने को कहा है।
शिक्षा मंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक की। बैठक में हाल में यूजीसी-नेट परीक्षा से जुड़े मुद्दों के बाद एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को एनटीए की समग्र व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, सुधार प्रक्रिया के तहत एनटीए के 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है। इसके अलावा मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ), महाप्रबंधक (परीक्षा सुरक्षा) और महाप्रबंधक (अनुसंधान एवं विकास और साइकोमेट्रिक्स) समेत 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं। इन पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है।
साइबर सुरक्षा और परीक्षा प्रबंधन मजबूत करने पर जोर
मंत्रालय ने बताया कि साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र तैयार करने सहित विभिन्न विशेषज्ञ क्षेत्रों के लिए निजी क्षेत्र से विषय विशेषज्ञों को भी जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य एनटीए की तकनीकी क्षमता और परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना है।
जोशी ने निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रियाओं में स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने संवेदनशील परीक्षा गतिविधियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए गोपनीय संचालन व्यवस्था (सीओएनओपीएस) के ढांचे में पूर्ण बदलाव करने को कहा। इसके तहत अलग और सुरक्षित कक्ष, एयर-गैप्ड प्रणाली तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कराने की अधिक कड़ी व्यवस्था लागू की जाएगी।
सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का होगा विस्तृत ऑडिट
शिक्षा मंत्री ने एनटीए को परीक्षा से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। साथ ही ऑडिट के आधार पर की गई सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
एनटीए की परीक्षा व्यवस्था हाल के वर्षों में लगातार जांच के दायरे में रही है। राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच एजेंसी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। अब नए निर्देशों के बाद परीक्षा संचालन, सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है।



