भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को भोपाल की विशेष अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। मामले में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपित बनाया गया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में चार्जशीट पेश होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने सीबीआई की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों का अध्ययन शुरू कर दिया है। अधिवक्ता चार्जशीट में दर्ज तथ्यों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान करेंगे। चालान में शामिल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।
पूर्व न्यायाधीश पर दहेज और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की धाराएं
चार्जशीट में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 लगाई गई हैं। धारा 80(2) दहेज मृत्यु, धारा 85 पति या उसके रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता, धारा 108 आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण और धारा 3(5) साझा आपराधिक कृत्य में जिम्मेदारी से संबंधित है। वहीं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 दहेज लेने-देने और धारा 4 दहेज की मांग से संबंधित है।
मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह आरोपित हैं और दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले विशेष अदालत गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया था।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर दोबारा हुआ था पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में प्रारंभिक जांच के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच के दौरान सीबीआई ने आरोपितों के संपर्क, डिजिटल साक्ष्यों, आवाज के नमूनों और अन्य फोरेंसिक पहलुओं की भी जांच की।
मामले की शुरुआत 12 मई को हुई थी, जब ट्विशा शर्मा का शव फंदे पर मिला था। घटना के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे और पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच आगे बढ़ी।
सीबीआई ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य जुटाए। इन साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच पूरी की गई और अब अदालत में चार्जशीट पेश की गई है। अदालत चार्जशीट का अध्ययन कर रही है। दोनों पक्षों के अधिवक्ता भी दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण कर रहे हैं। इसके बाद अदालत में दलीलें रखी जाएंगी और आगे की न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित होगी।



