नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार करती है।
प्रधानमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया—
“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम् ।
प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”
सम्मान से जागता है आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री ने इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाता है, तो वह स्वयं को गौरवान्वित और सौभाग्यशाली महसूस करता है। महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान व्यक्ति के भीतर उसके अपने गुणों और क्षमताओं के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि सम्मान और स्वीकार्यता का भाव व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उसे नई प्रेरणा, ऊर्जा और उत्साह से भी भर देता है।
