45 विधायकों का समर्थन… फिर भी फंसा मामला! केरल CM रेस में बड़ा ट्विस्ट

तिरुवंनतपुरम। कांग्रेस आलाकमान ने शनिवार को दिल्ली में केरल के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि यदि सहमति बन जाती है तो पार्टी नेतृत्व शनिवार शाम तक मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला सुना सकता है।मुख्यमंत्री पद की दौड़ फिलहाल कांग्रेस के तीन प्रमुख नेताओं के बीच सिमटती दिखाई दे रही है। इनमें अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव केसी वेणुगोपाल, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला शामिल हैं। तीनों नेताओं को पार्टी और यूडीएफ के अलग-अलग धड़ों का समर्थन प्राप्त है।पार्टी सूत्रों के अनुसार वेणुगोपाल को बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों का समर्थन हासिल है। उनके करीबी नेताओं का दावा है कि 45 से अधिक विधायकों ने कांग्रेस पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया है। वेणुगोपाल समर्थकों का मानना है कि आलाकमान अंतिम निर्णय लेते समय विधायकों की राय को महत्वपूर्ण आधार बनाएगा। दूसरी ओर वी.डी. सतीशन को यूडीएफ के सहयोगी दलों के कई विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं का मजबूत समर्थन मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में सतीशन के समर्थन में पोस्टर, फ्लेक्स बोर्ड और सार्वजनिक प्रदर्शन देखे गए हैं। समर्थकों का कहना है कि जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और विपक्ष के नेता के रूप में उनका प्रदर्शन उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार बनाता है।इस बीच रमेश चेन्निथला भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बने हुए हैं। पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि यदि आलाकमान वेणुगोपाल और सतीशन के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई महसूस करता है तो चेन्निथला एक सर्वमान्य और समझौता उम्मीदवार के रूप में उभर सकते हैं।इन सबके बीच केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) के अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने कहा कि मुख्यमंत्री चयन को लेकर औपचारिक चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। पार्टी के भीतर सभी पक्षों की राय ली जा रही है और अंतिम फैसला आलाकमान करेगा। सन्नी जोसेफ ने कहा कि उन्होंने राज्य में कार्यकर्ताओं और जनता की भावनाओं को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नवनिर्वाचित विधायक के. मुरलीधरन ने भी संकेत दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चयन केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं होगा, बल्कि विधायकों, गठबंधन सहयोगियों और जनता की भावना को भी ध्यान में रखा जाएगा।राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यूडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) वीडी सतीशन के पक्ष में झुकाव बनाए हुए है। इससे सतीशन की दावेदारी को अतिरिक्त राजनीतिक मजबूती मिली है।उधर, कांग्रेस आलाकमान द्वारा नियुक्त दो पर्यवेक्षकों ने एक दिन पहले शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में विधायकों की राय और राजनीतिक परिस्थितियों का विस्तृत आकलन शामिल बताया जा रहा है। इसके बाद अब अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व के हाथ में है।सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में जारी बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला, सन्नी जोसेफ समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती विधायकों की संख्या, गठबंधन समीकरण और जनभावना के बीच संतुलन बनाकर ऐसा फैसला लेने की है, जिससे सरकार स्थिर और मजबूत बने।राजनीति के जानकारों का मानना है कि राज्य में यूडीएफ की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल ने कांग्रेस के भीतर सक्रिय लॉबिंग और शक्ति प्रदर्शन को भी उजागर कर दिया है। अब पूरे देश की नजरें कांग्रेस आलाकमान के उस फैसले पर टिकी हैं, जो केरल की नई सरकार की दिशा तय करेगा। केरल विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की बड़ी जीत के बाद अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस में गहन मंथन जारी है।

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