तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या 16 पहुंची, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम ढहने के मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा है, जबकि 17 घायल श्रमिकों का राजकीय एसएसकेएम अस्पताल में उपचार चल रहा है।

6 आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच कर रही जांच

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे की जांच कोलकाता पुलिस की अपराध शाखा कर रही है और पुलिस आयुक्त अजय नंद स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें शुरुआती आरोपों में नामजद व्यक्ति भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के कारण इस निर्माण को मंजूरी मिली थी। उनका दावा है कि तत्कालीन मेयर फिरहाद हाकिम ने निर्माण योजना पर हस्ताक्षर किए थे।

गैर इरादतन हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास और सामूहिक आपराधिक दायित्व से जुड़े आरोप शामिल हैं।

आधुनिक उपकरणों से चल रहा रेस्क्यू अभियान

मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए भू-भेदी रडार, खोजी कुत्तों और भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। बचाव अभियान में कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन इकाई, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, कोलकाता नगर निगम, नागरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सेना के जवान संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं।

मजदूरों की संख्या का रिकॉर्ड नहीं, तीन नाबालिगों की भी मौत

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे के समय निर्माण स्थल पर मौजूद श्रमिकों की वास्तविक संख्या का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसी कारण सभी के सुरक्षित बाहर निकलने की पुष्टि होने तक बचाव अभियान जारी रहेगा।

पुलिस ने बताया कि मृतकों में तीन नाबालिग श्रमिक भी शामिल हैं, जो निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

कैसे हुआ हादसा

बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम की लोहे की बीम और धातु की चादरें ताजा कंक्रीट का भार नहीं झेल सकीं, जिससे पूरी संरचना अचानक भरभराकर गिर गई। कई श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। पिछले चार दिनों से लगातार राहत एवं बचाव कार्य जारी है, लेकिन अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है।

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