नई दिल्ली। टाटा समूह समुद्री क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। समूह केरल में करीब 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से जहाज निर्माण परियोजना शुरू करने की योजना बना रहा है। राज्य सरकार ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और जल्द मंजूरी मिलने की संभावना जताई है।
एक महीने में मिल सकती है मंजूरी
रिपोर्ट के अनुसार, केरल सरकार इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने को तैयार है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि एक महीने के भीतर औपचारिक मंजूरी दी जा सकती है, जिससे परियोजना पर काम तेजी से शुरू हो सकेगा।
समुद्री क्षेत्र में टाटा का पहला बड़ा कदम
स्टील, वाहन, विमानन और अन्य क्षेत्रों में मजबूत मौजूदगी रखने वाला टाटा समूह अब जहाज निर्माण उद्योग में भी प्रवेश करने जा रहा है। यह परियोजना भारत की घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने और विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
केरल को मिलेगा बड़ा औद्योगिक निवेश
प्रस्तावित परियोजना से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार के नए अवसर और समुद्री उद्योग से जुड़े सहायक कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। केरल सरकार भी राज्य को प्रमुख समुद्री और औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
2030 के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत को दुनिया के शीर्ष 10 जहाज निर्माण देशों में शामिल करना है। टाटा समूह की यह परियोजना इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
समुद्री ढांचे का बन रहा बड़ा केंद्र
कोच्चि और विझिनजम बंदरगाह के आसपास समुद्री बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में टाटा समूह की नई परियोजना केरल को जहाज निर्माण और समुद्री सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मददगार साबित हो सकती है।

