मुंबई। अभिनेता परेश रावल ने दावा किया है कि फिल्म ‘ओएमजी 2’ का मूल विचार और शुरुआती कहानी उनकी थी, लेकिन बाद में पटकथा में बड़े बदलाव किए गए और उन्हें इसका श्रेय भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मूल कहानी पिता-पुत्र के रिश्ते और यौन शिक्षा पर आधारित थी, जिसमें किसी दैवीय पात्र की भूमिका नहीं थी।
परेश रावल ने किया बड़ा दावा
एक साक्षात्कार में परेश रावल ने बताया कि उन्होंने निर्देशक अमित राय के साथ मिलकर इस कहानी पर काम किया था। उनके अनुसार, दोनों ने मिलकर पटकथा तैयार की और इसे शिक्षाप्रद तथा मनोरंजक बनाने के लिए विशेषज्ञों से भी सलाह ली।
उन्होंने कहा कि मूल कहानी एक ऐसे किशोर की थी, जिसका निजी वीडियो वायरल हो जाता है और उसका पिता उसके लिए न्याय की लड़ाई लड़ता है। इस कहानी में भगवान का कोई किरदार नहीं था।
बाद में बदल दी गई कहानी
परेश रावल के मुताबिक, बाद में फिल्म की कहानी में बदलाव किया गया और इसे ‘ओएमजी 2’ के रूप में आगे बढ़ाया गया। उन्होंने दावा किया कि मूल अवधारणा में पिता की मदद करने वाला एक सामान्य व्यक्ति था, जबकि बाद में उसमें दैवीय पात्र जोड़ दिया गया।
फिल्म से अलग होने का बताया कारण
परेश रावल ने कहा कि उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि अंतिम पटकथा उनकी मूल कल्पना से अलग थी। उनका कहना था कि जिस कहानी की उन्होंने परिकल्पना की थी, वह पर्दे पर नहीं दिखाई गई।
श्रेय नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें कहानी या अवधारणा का कोई श्रेय नहीं मिला। उनके अनुसार, फिल्म से जुड़े कई लोगों को पता था कि मूल विचार उनका था, लेकिन उनका नाम कहीं शामिल नहीं किया गया।

