मुहर्रम जुलूस में इमाम हुसैन को दी गई श्रद्धांजलि

रांची। राजधानी रांची में शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण माहौल में पारंपरिक जुलूस निकाला गया। शहर के मेन रोड सहित विभिन्न इलाकों से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। अखाड़ों ने पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया, जबकि युवतियों की भागीदारी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

जुलूस में गूंजे ‘या हुसैन’ के नारे

मुहर्रम जुलूस के दौरान “या हुसैन” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। विभिन्न स्थानों से आकर्षक ताजिए निकाले गए और लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। रास्ते में सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने पेयजल व शरबत की व्यवस्था कर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दी श्रद्धांजलि

इस वर्ष जुलूस का प्रमुख आकर्षण भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित मिसाइल का मॉडल रहा। तिरंगे के साथ प्रदर्शित इस मॉडल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है और देश के वैज्ञानिक विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

मुहर्रम जुलूस को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती रही। रांची के सिटी एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पूरे जुलूस की निगरानी करते नजर आए। यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।

कर्बला की कुर्बानी का दिया संदेश

अंजुमन इस्लामिया से जुड़े शाहीन अहमद ने बताया कि मुहर्रम इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यजीद की बैअत स्वीकार करने से इंकार करने के बाद कर्बला में दस मुहर्रम को इमाम हुसैन और उनके साथियों ने सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने, सत्य का साथ देने और इंसानियत की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।

जुलूस में दिखा भाईचारे का संदेश

पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए और शांतिपूर्ण वातावरण में मुहर्रम की रस्में पूरी की गईं।

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