वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश में चल रहे राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ अभियोजक और पूर्व बाजार नियामक प्रमुख जे क्लेटन को अमेरिका का अगला स्थायी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक नामित करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि यह फैसला संसद में बढ़ते राजनीतिक दबाव और आलोचनाओं को देखते हुए लिया गया है।
बिल पुल्टे की नियुक्ति पर विवाद के बाद आया फैसला
राष्ट्रपति ट्रम्प ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर इसकी घोषणा की। इससे पहले उन्होंने अपने करीबी सहयोगी बिल पुल्टे को कार्यवाहक खुफिया प्रमुख नियुक्त किया था। राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया मामलों का अनुभव नहीं होने के कारण रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के सांसदों ने इस नियुक्ति की कड़ी आलोचना की थी। यह विवाद पूर्व राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गैबार्ड के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ था।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी प्रमुख ने की थी सिफारिश
ट्रम्प ने अपने संदेश में कहा कि जे क्लेटन कानूनी जगत में अत्यंत सम्मानित व्यक्ति हैं और उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने अमेरिकी सीनेट से उनके नाम को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह भी किया। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने क्लेटन के नाम की सिफारिश की थी।
18 खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी संभालेंगे
जे क्लेटन वर्तमान में मैनहट्टन स्थित प्रतिष्ठित संघीय अभियोजन कार्यालय के प्रमुख हैं। यह कार्यालय वित्तीय घोटालों से लेकर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद तक के संवेदनशील मामलों की जांच करता है। अब उन्हें अमेरिका की सभी 18 खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी संभालने के लिए अमेरिकी सीनेट की औपचारिक मंजूरी प्राप्त करनी होगी।
