नई दिल्ली। वेदांता एल्युमीनियम ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए समेकित शुद्ध लाभ को सालाना आधार पर तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 6,597 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी ने मजबूत राजस्व वृद्धि और बेहतर परिचालन दक्षता के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। निदेशक मंडल ने 8 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश (डिविडेंड) की भी घोषणा की है।
हाल ही में डिमर्जर के बाद वेदांता एल्युमीनियम एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई है और स्वतंत्र इकाई के रूप में यह उसका पहला तिमाही परिणाम है।
राजस्व और ईबीआईटीडीए ने बनाया रिकॉर्ड
जून तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 45 प्रतिशत बढ़कर 21,105 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की कीमतों में 46 प्रतिशत की तेजी और बिक्री में वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही।
कंपनी का ईबीआईटीडीए (परिचालन लाभ) दोगुने से अधिक बढ़कर 10,499 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही ईबीआईटीडीए मार्जिन एक साल पहले के 31 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया।
उत्पादन लागत घटी, मार्जिन बढ़ा
तिमाही के दौरान एल्युमीनियम उत्पादन लागत 4 प्रतिशत घटकर 1,698 डॉलर प्रति टन रही। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए उत्पादन लागत 1,650 से 1,700 डॉलर प्रति टन के बीच रहने का अनुमान जताया है।
प्रति टन एल्युमीनियम उत्पादन पर ईबीआईटीडीए बढ़कर 1,804 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 26-27 लाख टन एल्युमीनियम और 40-41 लाख टन एल्युमिना उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
सीईओ ने कहा- मजबूत शुरुआत
वेदांता एल्युमीनियम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में पहली तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन कंपनी के व्यावसायिक लचीलेपन, अनुशासित निष्पादन और दीर्घकालिक रणनीति का परिणाम है।
डिमर्जर के बाद नई संरचना
जून 2026 में वेदांता लिमिटेड से अलग होकर चार नई कंपनियां- वेदांता एल्युमीनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध हुई थीं।
शेयर में मामूली गिरावट
तिमाही परिणामों के बावजूद शुक्रवार को बीएसई पर वेदांता एल्युमीनियम मेटल का शेयर 0.47 प्रतिशत गिरकर 454.20 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इसमें लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।


