पूर्वी सिंहभूम। जिले के पटमदा प्रखंड अंतर्गत कांकु गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को प्रस्तावित खदान और स्टोन क्रशर उद्योग को शुरू कराने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उद्योग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, पहुंच मार्ग निर्माण और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि कांकु और आसपास का क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवक-युवतियां और मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल तथा तमिलनाडु जैसे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि खदान और स्टोन क्रशर उद्योग शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन में कमी आएगी।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के 33 रैयत परिवारों ने स्वेच्छा से अपनी जमीन उद्योग स्थापना के लिए उपलब्ध कराई है। उनका मानना है कि उद्योग के संचालन से क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ सड़क, बिजली, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विकास होगा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व निजी स्वार्थ के कारण उद्योग स्थापना में बाधा पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे लोग पहुंच मार्ग अवरुद्ध कर विकास कार्यों को प्रभावित करने और भय का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीण प्रतिनिधि हरिश्चंद्र महतो और अरविंद महतो ने कहा कि गांव के अधिकांश लोग उद्योग स्थापना के पक्ष में हैं। उन्होंने प्रशासन से विकास कार्यों में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से उद्योग क्षेत्र तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण कराने, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
