क्या बदलने वाली है भारत-यूरोप की रणनीति? मोदी ने किया बड़ा एलान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फीको के बीच ब्रातिस्लावा में द्विपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य दिया। इस दौरान दोनों नेता ‘समझौता ज्ञापनों’ के आदान-प्रदान के साक्षी बने। अपने वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया के विशेष सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही इसे जल्द अपनाए जाने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहाकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप और व्यापारियों को इसका अधिकतम लाभ मिलेगा। रक्षा सहयोग के क्षेत्र में आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक समझ का परिणाम है। इससे संयुक्त विकास, उत्पादन और रक्षा उद्योग सहयोग को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में एआई के विषय पर भारतीय चेयर स्थापित की जा रही है। उनका मानना है कि एआई का भविष्य केवल नवाचार से नहीं बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और मानवीय सम्मान पर आधारित होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के संबंधों को गहरे सांस्कृतिक और जन संबंधों पर आधारित बताया और कहा कि भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश में भारतीय मूल के लोग यहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में भारत में स्लोवाकिया का पहला उपग्रह लांच किया। आज भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से नई उचाइंयां छू रहा है। वह स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं। भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ का दर्जा देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के साझा विश्वास, प्राथमिकताओं और भविष्य का प्रतीक है।

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