पैरों में सूजन, भारीपन या नसों का उभरना आम समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह वैरिकोज वेन्स या लेग एडिमा जैसी गंभीर स्थितियों का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों बीमारियां पैरों को प्रभावित करती हैं, लेकिन इनके कारण, लक्षण और उपचार अलग-अलग होते हैं। ऐसे में सही पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
क्या है वैरिकोज वेन्स?
वैरिकोज वेन्स में पैरों की नसों के भीतर मौजूद वाल्व कमजोर हो जाते हैं। इसके कारण रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है और खून नसों में जमा होने लगता है। इससे नसें नीले या बैंगनी रंग की उभरी हुई और टेढ़ी-मेढ़ी दिखाई देने लगती हैं।
इसके प्रमुख लक्षणों में पैरों में भारीपन, लंबे समय तक खड़े रहने पर दर्द, खुजली, जलन, रात में ऐंठन और टखनों के आसपास हल्की सूजन शामिल हैं। लंबे समय तक इलाज नहीं होने पर त्वचा का रंग बदलना, घाव बनना और रक्त के थक्के जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
क्या होती है लेग एडिमा?
लेग एडिमा ऐसी स्थिति है जिसमें पैरों, टखनों या पंजों के ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसके कारण पैरों में सूजन दिखाई देती है। यह समस्या लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने, गर्भावस्था, अधिक नमक के सेवन, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, किडनी, लिवर या हृदय संबंधी बीमारियों के कारण हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों पैरों में समान रूप से सूजन हो रही है तो यह शरीर में तरल संतुलन की समस्या का संकेत हो सकता है। वहीं यदि केवल एक पैर अचानक सूज जाए तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
ऐसे पहचानें दोनों में अंतर
वैरिकोज वेन्स में मुख्य रूप से नसें उभरकर दिखाई देती हैं, जबकि लेग एडिमा में पूरे पैर, टखने या पंजे में सूजन होती है। वैरिकोज वेन्स में दर्द, जलन और ऐंठन अधिक होती है, जबकि लेग एडिमा में भारीपन और खिंचाव महसूस हो सकता है। एडिमा में कई बार सूजन वाले हिस्से को दबाने पर गड्ढा भी बन जाता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि पैरों में लगातार सूजन, उभरी हुई नसें, दर्द, त्वचा का रंग बदलना या चलने-फिरने में परेशानी हो रही है तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।


