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नेपाल के सभी विश्वविद्यालयों में 10% छात्रवृत्ति अनिवार्य, 73 हजार छात्रों को मिलेगा मुफ्त उच्च शिक्षा का लाभ

काठमांडू। नेपाल सरकार ने विश्वविद्यालय स्तर पर 10 प्रतिशत अनिवार्य छात्रवृत्ति व्यवस्था को इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने का फैसला किया है। शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश के सभी 21 विश्वविद्यालयों और आठ स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठानों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करना शुरू कर दिया है।

करीब 73 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर के लगभग 72,929 विद्यार्थियों को पूर्ण छात्रवृत्ति के साथ निःशुल्क उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। वर्तमान में नेपाल के विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठानों में 7,29,294 छात्र अध्ययनरत हैं।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा महाशाखा प्रमुख श्रीप्रसाद भट्टराई ने बताया कि 10 प्रतिशत छात्रवृत्ति का प्रावधान पहले से था, लेकिन इसका प्रभावी पालन नहीं हो रहा था। अब सभी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के लिए इसे लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को मिलेगी प्राथमिकता

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की छात्रवृत्ति निर्देशिका के अनुसार मेधावी, दलित, मुस्लिम, आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न आय वर्ग, संघर्ष प्रभावित तथा पिछड़े और लक्षित समुदायों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय अपने नियमों के अनुसार अतिरिक्त पात्रता मानदंड भी निर्धारित कर सकेंगे।

नेपाल में वर्तमान में 15 संघीय विश्वविद्यालय, छह प्रादेशिक विश्वविद्यालय और आठ स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान संचालित हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों से संबद्ध 58 कॉलेजों में अध्ययनरत 34,465 विद्यार्थियों पर भी यह नियम लागू होगा।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया के निर्देश

शिक्षा मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों को छात्रवृत्ति के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करने, पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाने और आंकड़ों का नियमित संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षामंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा कि काठमांडू महानगरपालिका के विद्यालयों में छात्रवृत्ति व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन से मिले अनुभव के आधार पर अब इसे विश्वविद्यालय स्तर पर भी संस्थागत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में कम-से-कम 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को पूर्ण छात्रवृत्ति देना अनिवार्य होगा।

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