तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर में हवाई हमला किया है। बुशहर में ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। इस बीच ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिसके बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
बुशहर में हवाई हमले का दावा
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, बुशहर के गवर्नर मोहम्मद मुजफ्फरी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी तटीय शहर बुशहर पर हमला किया, जिसके बाद जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई। घटनास्थल पर आपातकालीन सेवाओं को तैनात किया गया है।
बुशहर फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है और यह ईरान के एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए जाना जाता है। यह संयंत्र रूस की मदद से बनाया गया था और शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित है।
कुवैत में सक्रिय की गई वायु रक्षा प्रणाली
अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए गए हैं। अमेरिका ने दावा किया कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करना है।
वहीं, कुवैत ने ईरान से संभावित ड्रोन हमलों को रोकने के लिए पूरे देश में वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी है। कुवैत सेना ने लोगों से अपील की है कि ड्रोन को मार गिराने के दौरान होने वाली आवाजों से घबराने की जरूरत नहीं है।
हूती ने सऊदी तेल टैंकरों पर हमले का किया दावा
इस बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर उन्हें नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। हूती के अनुसार, इन टैंकरों के नाम एन्सेलिया और लायला हैं।
इससे पहले यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स संगठन ने सऊदी अरब के अल-शुकाइक शहर से करीब 70 समुद्री मील दूर एक टैंकर पर हमले की पुष्टि की थी।


