शुद्ध मतदाता सूची की नींव बीएलओ होते हैं : मुख्य चुनाव आयुक्त

देवघर। देवघर के तपोवन स्थित श्री श्री मोहनानंद प्लस-टू विद्यालय में आयोजित बीएलओ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जैसे लोकतंत्र की बुनियाद शुद्ध और सटीक मतदाता सूची होती है, वैसे ही शुद्ध मतदाता सूची की नींव बीएलओ होते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य विभिन्न चरणों में चल रहा है। हालांकि, झारखंड में अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यहां के बीएलओ की तैयारियों और प्रक्रिया की स्पष्ट समझ यह दर्शाती है कि गहन पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ से संवाद के दौरान उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पहले कई बार बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन के दौरान पहचान संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उनके पास पहचान पत्र नहीं होते थे। इससे आम लोग उन्हें संदेह की दृष्टि से देखते थे। अब भारत निर्वाचन आयोग की ओर से बीएलओ के लिए पहचान पत्र जारी किए गए हैं, जिससे उन्हें डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के दौरान किसी तरह की असुविधा नहीं होती। संवाद कार्यक्रम के दौरान देवघर जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों से आए बीएलओ ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से संबंधित अपने अनुभव और जानकारियां साझा कीं। बीएलओ प्रमिला यादव ने गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। गुलशन परवीन ने वर्तमान मतदाता सूची को उम्र के आधार पर ए, बी, सी और डी श्रेणी में विभाजित कर पूर्व की मतदाता सूची से मैपिंग की प्रक्रिया के बारे में बताया। गीता कुमारी ने मतदाता सूची की मैपिंग, जबकि दीपम कुमारी ने मैपिंग के आठ चेक-पॉइंट्स के बारे में जानकारी दी। झारखंड के देवघर जिले में सोमवार को बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ उनका उत्साहवर्धन भी किया।

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