HomeबिहारNEET परीक्षार्थियों को मुफ्त सफर की सुविधा, बस दिखाना होगा एडमिट कार्ड

NEET परीक्षार्थियों को मुफ्त सफर की सुविधा, बस दिखाना होगा एडमिट कार्ड

पटना : बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में शामिल होने वाले लाखों छात्र-छात्राओं को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, परीक्षा के दिन बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की सभी सरकारी बसों में परीक्षार्थियों का आवागमन पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) रहेगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक पर इस जनहितैषी फैसले की जानकारी साझा की।

एडमिट कार्ड दिखाते ही मिलेगा फ्री टिकट

सरकार के इस आदेश के तहत, परीक्षा के दिन छात्रों को बसों में सफर करने के लिए कोई टिकट नहीं लेना होगा। उन्हें बस कंडक्टर को अपना NEET एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) दिखाना होगा। सरकार के इस कदम से न केवल छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचने में मदद मिलेगी, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के अभिभावकों को भी बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

मठ-मंदिरों और NGO से भी सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं से भी आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा:

“जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य के सभी मठ-मंदिरों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) से मेरा आग्रह है कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में बढ़-चढ़कर सहयोग करें।”

भीषण गर्मी को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर

बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए सरकार बेहद संवेदनशील है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शेड और प्राथमिक चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराएं, ताकि छात्र बिना किसी मानसिक और शारीरिक तनाव के परीक्षा दे सकें।

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किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में एक को बीस वर्षों का सश्रम कारावास  मोतिहारी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो न्यायालय के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने एक किशोरी की अपहरण कर दुष्कर्म किए जाने मामले में नामजद एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए बीस वर्षों का सश्रम कारावास एवं अस्सी हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा मुफ्फसिल लखौरा थाना के बहुरी निवासी भूलन सहनी को हुई। मामले में पीड़ित किशोरी के पिता ने मुफ्फसिल लखौरा थाना कांड संख्या 430/2022 दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि 29 मई 2022 की संध्या उसकी नाबालिक पुत्री घर से निकली थी। परंतु वह घर वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद 4 जून 2022 को सूचक की बहन के मोबाइल पर फोन आया कि उसकी भतीजी दिल्ली लालकिला के पास उसके कब्जे में है। सुराग मिलने के बाद पुलिस ने अभियुक्त की मां को पूछताछ के लिए हिरासत लिया। अपनी मां को पुलिस हिरासत में होने की सूचना पर अभियुक्त ने अपहृत किशोरी को लखौरा गांधी चौक पर लाकर मुक्त कर दिया, जहां से पुलिस ने किशोरी को बरामद कर न्यायालय में प्रस्तुत की तथा न्यायाधीश के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज हुई। जिसमें कही थी कि 29 मई 2022 की रात्रि करीब 8 बजे वे बहन से झगड़ा कर घर से निकली थी। नौरंगिया गांव जाने वाले रास्ते में अभियुक्त संग हो लिया तथा उसे घर पहुंचाने की बात कह कर अपने घर ले गया और उसे घर में बंद कर ताला जड़ दिया। नामजद अभियुक्त उसके साथ रोज रोज दुष्कर्म करने लगा। शक के आधार पर पुलिस अभियुक्त की मां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया । अपनी मां के पुलिस हिरासत में लेने पर अभियुक्त ने पीड़िता को मुक्त कर दिया। पॉक्सो वाद संख्या 92/2023 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने नौ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष।
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