सुखोई-57 लड़ाकू विमानों को लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भारत को विशेष प्रस्ताव, सह-उत्पादन के लिए भी तैयार

नयी दिल्ली : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ अपनी गहरी दोस्ती को एक बार फिर रेखांकित करते हुए देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। सेंट पीटर्सबर्ग में मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस अपने सबसे आधुनिक और उन्नत पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 (सु-57) स्टील्थ लड़ाकू विमान कार्यक्रम को लेकर भारत के साथ हर तरह का समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस न केवल यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारत को सौंपने के लिए तैयार है, बल्कि भारत में ही इसके सह-उत्पादन और इसके आगे के विकास के लिए मिलकर काम करने को भी राजी है। पुतिन ने इस विमान की जमकर तारीफ की और इसे वर्तमान समय में दुनिया का सबसे सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान बताया।

इस बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने भारत और रूस के बीच दशकों पुराने गहरे और ऐतिहासिक रिश्तों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एक विशेष विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी है, जिसकी मजबूत नींव वर्ष 1947 में सोवियत संघ और भारत के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के साथ ही रख दी गई थी।

गौरतलब है कि भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान पहले से ही पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि भारत के पास फिलहाल सबसे उन्नत विमान के रूप में साढ़े चार पीढ़ी का फ्रांसीसी राफेल मौजूद है। ऐसे में भारतीय वायुसेना के लिए पांचवीं पीढ़ी के विमानों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए रूस का यह खुला प्रस्ताव भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस इससे पहले भी भारत के साथ मिलकर सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों पर सफलतापूर्वक काम कर चुका है, जो इस समय भारतीय वायुसेना की मुख्य ताकत हैं।

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