रांची। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को राजभवन स्थित लोक भवन के बिरसा मंडप में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों समेत कुल 253 लोगों ने भाग लिया।
योग विश्व को भारत का अनुपम उपहार
राज्यपाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन जीने की समग्र पद्धति है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और आंतरिक शांति की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और मानव कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कोरोना काल में भी साबित हुई योग की उपयोगिता
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी और प्राकृतिक समाधान बनकर उभरा है। कोरोना महामारी के दौरान योग ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने और आत्मविश्वास मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री मोदी रांची में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जबकि इस वर्ष उन्होंने कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लिया।
बच्चों के लिए योग व्यक्तित्व विकास का आधार
राज्यपाल ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की भागीदारी पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए योग एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का मजबूत माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से धैर्य, सकारात्मक सोच और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित होता है।
उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने नियमित योग करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
