चतरा। चतरा शहर से सटे हेरु डैम से मंगलवार सुबह एक युवक का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान नगवां मुहल्ला निवासी रंजीत कुमार साव के रूप में हुई है। वह सोमवार शाम से अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद से परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। इस दुखद घटना के बाद जहाँ पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं शहर में मौत के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सुबह डैम में तैरता दिखा शव, इलाके में मची अफरा-तफरी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह हेरु डैम के पास से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने पानी में एक शव को तैरते हुए देखा। देखते ही देखते वहाँ ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और इसकी सूचना तत्काल सदर थाना पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया।
सोमवार शाम से लापता था रंजीत
शव की शिनाख्त होते ही पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने बताया कि रंजीत सोमवार की शाम को घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। घरवाले रातभर उसे अपने स्तर से ढूंढ रहे थे, लेकिन सुबह सीधे डैम से उसकी लाश मिलने की खबर आई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
तीन बिंदुओं पर टिकी पुलिस की जांच: डूबने, आत्महत्या या हत्या का शक
सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है:
- क्या युवक पैर फिसलने या किसी अन्य वजह से दुर्घटनावश डैम में डूबा?
- क्या मानसिक तनाव या किसी परेशानी के चलते उसने आत्महत्या की?
- या फिर किसी ने रंजिश के तहत उसकी हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को डैम में फेंक दिया?
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों (FSL) के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस परिजनों और रंजीत के दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है ताकि मौत से पहले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
