पूर्वी सिंहभूम। बिष्टुपुर के चर्चित ‘डबल डाउन (डीडी) बार’ में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में प्रशासन ने भाजपा नेता नीरज सिंह और सह-मालिक विजय कुमार से जुड़े इस बार को पूरी तरह सील कर दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत और उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
उपायुक्त के निर्देश पर पहुंची टीम, गठित हुई 3 सदस्यीय कमेटी
उपायुक्त (DC) राजीव रंजन के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम भारी पुलिस बल के साथ बार परिसर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रतिष्ठान को सील कर दिया। सहायक उत्पाद आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस विशेष समिति में एक उत्पाद निरीक्षक (एक्साइज इंस्पेक्टर) और दो उत्पाद अवर निरीक्षक (सब-इनस्पेक्टर) शामिल हैं, जो मामले की तह तक जाएंगे।
इन बिंदुओं पर होगी बार की सघन जांच
प्रशासन ने इस खूनी वारदात के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच समिति मुख्य रूप से इन बिंदुओं की समीक्षा करेगी:
- बार का संचालन और उसके लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन।
- बार के भीतर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था।
- वारदात के वक्त बार प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों द्वारा बरती गई लापरवाही।
- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया।
छेड़खानी के विरोध से शुरू हुआ था खूनी खेल
मिली जानकारी के अनुसार, 27 जून की देर रात डीडी बार के भीतर एक महिला के साथ कथित छेड़खानी का विरोध करने को लेकर दो गुटों में विवाद शुरू हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस बढ़ने के बाद दोनों पक्ष बार के बाहर सड़क पर आ गए। जहाँ हमलावरों ने हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्युष सिंह पर चापड़ और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शहर में फूटा गुस्सा, थाना प्रभारी के बाद अब बार पर एक्शन
इस दुस्साहसिक हत्याकांड के बाद पूरे जमशेदपुर शहर में व्यापक आक्रोश फैल गया है। करणी सेना, क्षत्रिय समाज और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया था। जनता के भारी दबाव और पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन इससे पहले बिष्टुपुर थाना प्रभारी और गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर चुका है। जिला प्रशासन का साफ कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
