Homeक्राइम20 लाख का इनामी माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार, एके-56 बरामद

20 लाख का इनामी माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार, एके-56 बरामद

लातेहार। लातेहार पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) को एक बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी रविंद्र गंझू को उसके पैतृक घर से धर-दबोचा है। गिरफ्तार नक्सली के पास से सुरक्षाबलों ने एक एके-56 राइफल, एक पिस्टल, एक अन्य राइफल, 239 जिंदा कारतूस और भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की है। रविंद्र गंझू मूल रूप से लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित हेसला बांझीटोला गांव का रहने वाला है।

कोबरा बटालियन और पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में लातेहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने इस बड़ी सफलता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इनामी माओवादी रविंद्र गंझू अपने गांव आया हुआ है। इस इनपुट के आधार पर कोबरा-209 बटालियन के उप कमांडेंट दीपक कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस और सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने पूरी रणनीति के साथ उग्रवादी के घर की घेराबंदी की और बिना किसी खून-खराबे या नुकसान के उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।

16 वर्षों से सक्रिय, 18 पुलिसकर्मियों की हत्या का है आरोप

एसपी कुमार गौरव के अनुसार, रविंद्र गंझू पिछले 16 सालों से माओवादी संगठन में सक्रिय था और उसे संगठन की रीढ़ माना जाता था। उस पर 18 पुलिसकर्मियों की शहादत का सीधा आरोप है। इसके अलावा लातेहार, रांची, पलामू, लोहरदगा और गुमला समेत झारखंड के विभिन्न जिलों के थानों में उसके खिलाफ नक्सली हिंसा, हत्या, आईईडी विस्फोट और हथियार लूट के 154 से अधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उससे कई बड़े सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर आगे की छापेमारी की जा रही है। प्रेस वार्ता में मौजूद सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार ने शेष उग्रवादियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे या तो आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

इन प्रमुख बड़ी नक्सली वारदातों का रहा है मास्टरमाइंड

  • 7 जनवरी 2013: कटिया जंगल मुठभेड़, जिसमें 11 सीआरपीएफ जवान शहीद और 15 घायल हुए थे।
  • 22 नवंबर 2019: चंदवा में पुलिस पीसीआर वैन पर घात लगाकर हमला, जिसमें 4 गृहरक्षक शहीद हुए और हथियार लूटे गए।
  • 1 फरवरी 2012: घाघू में आईईडी (IED) ब्लास्ट कर सुरक्षाबलों के वाहन को उड़ाया, 3 पुलिसकर्मी शहीद हुए।
  • 7 नवंबर 2011: मध्य विद्यालय परिसर में बम विस्फोट कर स्कूल भवन को ध्वस्त किया, जिसमें 7 जवान जख्मी हुए थे।
  • 20 नवंबर 2021: डेमू-रिचुघुटा रेलखंड पर पटरी उड़ाकर रेल परिचालन बाधित किया।

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