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विश्व युवा कौशल दिवस: ईएसएल स्टील ने एक लाख से अधिक लोगों को कौशल विकास से जोड़ा

बोकारो। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड ने कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, उद्यमिता और खेलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी ने बताया कि उसकी सामुदायिक विकास पहलों से अब तक एक लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

700 से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

विश्व युवा कौशल दिवस की इस वर्ष की थीम “साझा भविष्य के लिए कौशल” के अनुरूप ईएसएल स्टील युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और डिजिटल प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। बोकारो स्थित वेदांता ईएसएल कौशल विद्यालय में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना और घरेलू विद्युत उपकरण मरम्मत जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

वर्ष 2022 में शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 700 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 400 से अधिक को संगठित क्षेत्र में रोजगार मिल चुका है।

डिजिटल शिक्षा को भी मिल रहा बढ़ावा

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने प्रोजेक्ट एएएस विद्यालय के तहत डिजिटल लर्निंग कैफे स्थापित किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण छात्रों और युवाओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़कर उनकी डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार किया जा रहा है।

युवाओं को अवसर देना हमारी प्राथमिकता : रवीश शर्मा

ईएसएल स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने कहा कि लोगों के विकास में किया गया निवेश सबसे महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने कहा कि कौशल विद्यालय, डिजिटल लर्निंग सेंटर और खेल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

खेल और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर

वेदांता ईएसएल तीरंदाजी अकादमी के माध्यम से अब तक 50 से अधिक युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया है। अकादमी के खिलाड़ी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक पदक जीत चुके हैं। वहीं, ग्रामीण खेल कार्यक्रमों से 400 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रोजेक्ट जीविका के तहत स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है। महिलाओं को सिलाई, मशरूम उत्पादन और अन्य आजीविका आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने में सहयोग दिया जा रहा है।

ईएसएल स्टील का कहना है कि कौशल विकास, शिक्षा, खेल और आजीविका से जुड़ी ये पहलें आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के निर्माण के साथ विकसित भारत के लक्ष्य को भी मजबूती दे रही हैं।

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