नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ से पहले इसे आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिलने का सपना साकार होने जा रहा है और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर चाणक्य नीति का एक श्लोक भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि बड़े या छोटे किसी भी कार्य को पूरी शक्ति और लगन के साथ शुरू करना चाहिए। शेर से यही गुण सीखने की बात चाणक्य ने कही है।
जींद से सोनीपत के बीच चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
यह हाइड्रोजन ट्रेन भारत में ही डिजाइन और विकसित की गई है। इसमें स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जहां हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीक
हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक पर आधारित है। इसमें हाइड्रोजन को बिजली में बदला जाता है, जिससे ट्रेन चलती है। इस प्रक्रिया में केवल जलवाष्प निकलती है और रेल संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन नहीं होता।
डीजल ट्रेनों की तुलना में यह तकनीक ईंधन आयात पर निर्भरता कम करती है। साथ ही इससे ध्वनि प्रदूषण भी कम होता है। पर्यावरण के लिहाज से इसे स्वच्छ और बेहतर परिवहन विकल्प माना जा रहा है।
इस ट्रेन में 10 डिब्बे हैं और यह अब तक विकसित की गई सबसे लंबी हाइड्रोजन चालित यात्री ट्रेनों में से एक है।

