किशनगंज। बिहार सरकार ने किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए 24.11 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने आपात प्रावधानों के तहत अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, किशनगंज एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र के निकट स्थित है। इसी कारण इस परियोजना को सामान्य विकास कार्यों से अलग श्रेणी में रखा गया है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपात प्रावधान के तहत होगा भूमि अधिग्रहण
राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-40 के तहत आपात प्रावधान लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) और आपत्तियों की सुनवाई जैसी प्रक्रियाओं से छूट देकर अधिग्रहण की कार्रवाई तेज की जाएगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अभिलेख अद्यतन करने और वास्तविक भू-स्वामियों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मुआवजा वितरण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो सके।
30 दिन में मिलेगा 80 प्रतिशत मुआवजा
सरकार के निर्देशानुसार, नोटिस जारी होने के 30 दिनों के भीतर प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को निर्धारित मुआवजे की 80 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद प्रशासन नियमानुसार भूमि का कब्जा लेकर रनवे विस्तार का निर्माण कार्य शुरू करेगा।
पुनर्वास पर भी रहेगा विशेष ध्यान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जाएगी। भूमि अधिग्रहण के बाद अधिकतम तीन माह के भीतर पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति प्रभावित परिवारों का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
रनवे विस्तार पूरा होने के बाद बड़े विमानों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे सीमांचल क्षेत्र की हवाई संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

