Homeफीचरस्वास्थ्यहर बुखार को वायरल समझने की गलती न करें, डेंगू-मलेरिया का हो...

हर बुखार को वायरल समझने की गलती न करें, डेंगू-मलेरिया का हो सकता है खतरा

मानसून के दौरान बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होती है। अक्सर लोग इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। डॉक्टरों के अनुसार, बारिश के मौसम में होने वाला बुखार डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और लेप्टोस्पाइरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

वायरल और गंभीर बुखार में अंतर जरूरी

हैदराबाद के एलबी नगर स्थित ग्लेनईगल्स अवेयर हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. वामशी वी. ने बताया कि मानसून में नमी और तापमान में बदलाव के कारण मच्छरों और संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि सामान्य वायरल बुखार आमतौर पर तीन से पांच दिनों में ठीक हो जाता है। इसमें नाक बहना, गले में खराश और हल्का बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन अगर बुखार लगातार बढ़ रहा है या इसके साथ कुछ विशेष लक्षण नजर आ रहे हैं तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के लक्षण पहचानें

डॉक्टरों के अनुसार बुखार के साथ आंखों के पीछे दर्द, हड्डियों और जोड़ों में तेज दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते या मसूड़ों से खून आना डेंगू के संकेत हो सकते हैं।

वहीं, तेज ठंड लगने के बाद पसीना आना और निश्चित अंतराल पर बुखार आना मलेरिया की ओर इशारा कर सकता है। लगातार बढ़ता बुखार, पेट दर्द, सूखी खांसी, कब्ज या दस्त जैसे लक्षण टाइफाइड में दिखाई दे सकते हैं।

इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

डॉक्टर वामशी ने बताया कि तेज बुखार को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि 103 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक बुखार हो और तीन दिन बाद भी राहत न मिले तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

इसके अलावा लगातार उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी, भ्रम की स्थिति, शरीर पर लाल निशान, किसी भी तरह का रक्तस्राव, सांस लेने में परेशानी या चक्कर आने जैसे लक्षण गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि बिना सलाह के आइबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाओं का सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है। डेंगू की स्थिति में ऐसी दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।

बचाव के लिए बरतें सावधानी

मानसून में बीमारी से बचने के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर और अन्य जगहों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें।

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर भगाने वाली क्रीम, जाली और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। पीने के लिए साफ या उबले हुए पानी का उपयोग करें और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।

डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। बुखार को सामान्य मानकर लापरवाही करना खतरनाक साबित हो सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments