नई दिल्ली। फैब्रिक डाइंग और प्रोसेसिंग क्षेत्र की कंपनी अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयरों ने बाजार में कमजोर शुरुआत की। कंपनी के शेयर मंगलवार को आईपीओ मूल्य पर ही सूचीबद्ध हुए और कुछ ही समय बाद बिकवाली के दबाव में 5 प्रतिशत के निचले स्तर पर पहुंच गए। इससे आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन नुकसान उठाना पड़ा।
105 रुपये पर हुई लिस्टिंग, 99.75 रुपये तक फिसला शेयर
अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ के तहत शेयर 105 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। मंगलवार को बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयर 105 रुपये के स्तर पर ही सूचीबद्ध हुए। हालांकि, लिस्टिंग के बाद निवेशकों की बिकवाली के कारण शेयर गिरकर 99.75 रुपये के लोअर सर्किट स्तर पर पहुंच गया।
इस तरह पहले दिन के कारोबार में निवेशकों को प्रति शेयर 5.25 रुपये यानी करीब 5 प्रतिशत का नुकसान हुआ।
126.25 करोड़ रुपये का था आईपीओ
अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का 126.25 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 से 16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 1.40 गुना ही सब्सक्राइब हुआ।
आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) का हिस्सा 1.09 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कंपनी ने आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 1,20,24,000 नए शेयर जारी किए हैं। आईपीओ से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल नई बुनाई इकाई लगाने, पुराने कर्ज को कम करने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
सेबी के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड की वित्तीय स्थिति में पिछले वर्षों में सुधार दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 8.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 21.72 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी का राजस्व भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल आय 237.66 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 350.18 करोड़ रुपये हो गई।
हालांकि, इस दौरान कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी पर 166.09 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2025-26 में बढ़कर 177.60 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी का नेटवर्थ 51.13 करोड़ रुपये से बढ़कर 72.88 करोड़ रुपये हो गया, जबकि रिजर्व और सरप्लस 24.86 करोड़ रुपये से बढ़कर 46.32 करोड़ रुपये पहुंच गया।


