Homeफीचरस्वास्थ्यप्लेटलेट्स की कमी को सिर्फ डेंगू न समझें, विटामिन की कमी भी...

प्लेटलेट्स की कमी को सिर्फ डेंगू न समझें, विटामिन की कमी भी हो सकती है वजह

नई दिल्ली। शरीर में प्लेटलेट्स की कमी को आमतौर पर लोग डेंगू से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हर बार इसका कारण डेंगू नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल संक्रमण, ऑटोइम्यून बीमारी, बोन मैरो की समस्या, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव और पोषण की कमी भी प्लेटलेट्स कम होने का कारण बन सकती है। इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है।

प्लेटलेट्स की कमी से बढ़ सकता है रक्तस्राव का खतरा

प्लेटलेट्स शरीर में खून का थक्का बनाने और चोट लगने पर रक्तस्राव रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब इनकी संख्या सामान्य से कम हो जाती है, तो मामूली चोट लगने पर भी शरीर पर नीले निशान पड़ सकते हैं और गंभीर स्थिति में अंदरूनी रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।

स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में सामान्य रूप से करीब 1.5 लाख से 4.5 लाख प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलिटर होते हैं। जब यह संख्या 1.5 लाख से नीचे चली जाती है, तो इसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया माना जाता है। हालांकि हर मामले में यह गंभीर नहीं होता, लेकिन प्लेटलेट्स लगातार कम होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी हो जाती है।

वायरल संक्रमण से लेकर पोषण की कमी तक कई कारण

डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, एचआईवी और कुछ अन्य वायरल संक्रमण प्लेटलेट्स की संख्या को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा ऑटोइम्यून बीमारियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से प्लेटलेट्स को नुकसान पहुंचाने लगती है।

बोन मैरो शरीर में रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स का निर्माण करता है। यदि बोन मैरो किसी बीमारी से प्रभावित हो जाए तो प्लेटलेट्स का उत्पादन कम हो सकता है। अप्लास्टिक एनीमिया, ल्यूकेमिया और मायलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम जैसी बीमारियों में भी प्लेटलेट्स की कमी देखी जा सकती है।

वहीं, शरीर में विटामिन बी12, विटामिन बी9 और कॉपर की कमी भी प्लेटलेट्स बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक पोषण की कमी या भोजन के सही अवशोषण में समस्या होने पर इसका खतरा बढ़ सकता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

प्लेटलेट्स कम होने पर शरीर में कई संकेत दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं—

  • बिना चोट के शरीर पर नीले निशान पड़ना
  • त्वचा पर लाल या बैंगनी छोटे धब्बे आना
  • नाक या मसूड़ों से बार-बार खून आना
  • छोटी चोट लगने पर लंबे समय तक खून बहना
  • महिलाओं में अत्यधिक मासिक रक्तस्राव
  • पेशाब या मल में खून आना

कब डॉक्टर से संपर्क करें

यदि प्लेटलेट्स की संख्या लगातार कम हो रही हो, बार-बार रक्तस्राव हो रहा हो या बिना कारण शरीर पर निशान दिखाई दे रहे हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच से प्लेटलेट्स कम होने के सही कारण का पता लगाया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments