वाशिंगटन। अमेरिकी सशस्त्र बलों को मौजूदा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के अतिरिक्त रक्षा बजट की जरूरत बताई गई है। अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने मंगलवार को सीनेट से इस अतिरिक्त बजट को मंजूरी देने की अपील की।
जनरल डैन केन ने कहा कि यह राशि सैन्य तैयारियों को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक में निवेश बढ़ाने और संभावित विरोधियों से आगे रहने के लिए जरूरी है।
सीनेट में रखी अतिरिक्त बजट की मांग
सीनेट की एप्रोप्रिएशन कमेटी के सामने गवाही देते हुए जनरल डैन केन ने कहा कि सशस्त्र बलों को इस अतिरिक्त धन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बजट का उपयोग सैन्य कर्मियों के वेतन, अभियान संचालन, रखरखाव और महत्वपूर्ण तकनीकों के विकास में किया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही रक्षा बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव रखा है। यह पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी वृद्धि मानी जा रही है।
रूस-चीन और ईरान की चुनौती का दिया हवाला
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अतिरिक्त बजट से अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में अभियानों को जारी रखने और रूस तथा चीन जैसी चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में तेज और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, इसलिए वित्त वर्ष 2026 के लिए अतिरिक्त धन की मांग की गई है।
बजट को लेकर सीनेटरों में मतभेद
रक्षा बजट बढ़ाने के प्रस्ताव पर अमेरिकी सांसदों की अलग-अलग राय सामने आई है। रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी ने कहा कि प्रशासन को जनता और कांग्रेस को यह स्पष्ट करना होगा कि यह धन कहां खर्च होगा और अभियानों का उद्देश्य क्या है।
वहीं डेमोक्रेटिक सीनेटर डिक डर्बिन ने आरोप लगाया कि रक्षा विभाग के अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा। सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने भी प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए।
हालांकि रिपब्लिकन सीनेटर जॉन होवेन ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसी चुनौतियों को देखते हुए यह खर्च जरूरी है।


