काठमांडू। नेपाल के प्रसिद्ध अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र में पिछले आर्थिक वर्ष में विदेशी पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई। इस दौरान 169 देशों के कुल 5 लाख 8 हजार 476 पर्यटकों ने इस क्षेत्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
भारत से पहुंचे सबसे अधिक पर्यटक
अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के अनुसार, यहां आने वाले पर्यटकों में दक्षिण एशियाई देशों के 3 लाख 84 हजार 145 और अन्य देशों के 1 लाख 24 हजार 331 पर्यटक शामिल रहे।
सबसे अधिक भारतीय पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंचे। कुल 3 लाख 75 हजार 797 भारतीयों ने अन्नपूर्ण क्षेत्र का दौरा किया। इसके बाद चीन से 12 हजार 539, अमेरिका से 9 हजार 884, ब्रिटेन से 9 हजार 859 और फ्रांस से 7 हजार 939 पर्यटक पहुंचे।
इसके अलावा मलेशिया से 7 हजार 848, जर्मनी से 7 हजार 634, बांग्लादेश से 7 हजार 448, ऑस्ट्रेलिया से 7 हजार 95 और इजराइल से 6 हजार 398 पर्यटक अन्नपूर्ण क्षेत्र पहुंचे।
पर्यटकों की संख्या में करीब दोगुनी वृद्धि
अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के प्रमुख डॉ. रविन कडारिया ने बताया कि पिछले आर्थिक वर्ष की तुलना में इस बार विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी रही है। इससे पहले 2 लाख 78 हजार 113 विदेशी पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि पिछले जेठ महीने (मई-जून) में भारत समेत दक्षिण एशियाई देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारतीय पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या पहली बार अन्नपूर्ण क्षेत्र में पहुंची है।
पोखरा और मुक्तिनाथ की बढ़ती लोकप्रियता
डॉ. कडारिया के अनुसार, भारत में पोखरा, मुक्तिनाथ और अन्नपूर्ण क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार, बेहतर सड़क संपर्क और सामाजिक माध्यमों पर बढ़ती लोकप्रियता के कारण भारतीय पर्यटकों की संख्या में तेजी आई है।
गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक पोखरा और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। अप्रैल से जून के बीच नेपाल की पर्यटन राजधानी पोखरा के होटलों में 90 प्रतिशत तक कमरों की बुकिंग दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि पोखरा आने वाले भारतीय पर्यटकों में करीब 40 प्रतिशत पर्यटक मुक्तिनाथ भी जाते हैं।
ट्रेकिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है अन्नपूर्ण क्षेत्र
अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र दुनिया के प्रमुख पदयात्रा पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां पर्यटक अन्नपूर्ण बेस कैंप, मर्दी हिमाल, घान्द्रुक, मनाङ की तिलिचो झील, थोरंग-ला दर्रा, अपर मुस्तांग, मुक्तिनाथ और म्याग्दी के घोडेपानी जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण करते हैं।
करीब 7,600 वर्ग किलोमीटर में फैला यह संरक्षण क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, हिमालयी जीवनशैली और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इसमें कास्की, लमजुङ, मनाङ, म्याग्दी और मुस्तांग जिलों की 15 स्थानीय इकाइयों के 87 वार्ड शामिल हैं।


