सीवान। नीट परीक्षा कथित पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नई दिल्ली के जंतर-मंतर व पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित बिहार बंद का सीवान में कोई खास असर नहीं दिखा। प्रशासन की सख्ती और पहले से की गई सुरक्षा व्यवस्था के कारण शनिवार को शहर में जनजीवन सामान्य रहा।
फ्लैग मार्च के बाद अलर्ट रहा प्रशासन
बंद को देखते हुए शुक्रवार शाम जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने सशस्त्र बलों के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला था। इसका असर शनिवार को देखने को मिला। सरकारी कार्यालय, निजी संस्थान और बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी जारी रही।
जेपी चौक पर प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
शनिवार सुबह करीब 9 बजे आईसा और आरवाइए के नेता व कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए जेपी चौक पहुंचे और सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच कुछ देर तक नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिस के सख्त रुख के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और किनारे खड़े होकर प्रदर्शन जारी रखा। इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई।
बाद में बड़ी संख्या में छात्र जेपी चौक पर जुटे और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्र आंदोलन पर कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की।
पूरे दिन तैनात रहा पुलिस बल
बंद के आह्वान के बावजूद सीवान शहर में बाजार खुले रहे और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित नहीं हुई। प्रशासन पूरे दिन सतर्क रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।


