मुरादाबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं के संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह उन लाखों युवाओं की सफलता है जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
शनिवार रात मुरादाबाद के जामा मस्जिद पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह सोचती है कि वह मनमाने फैसले ले सकती है, तो इस आंदोलन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश में तानाशाही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संविधान के दायरे में ही चल सकता है।
ओवैसी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और युवाओं का विश्वास बहाल होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार पर भी किया तंज
सभा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुसलमानों के सामने अब एक मजबूत राजनीतिक विकल्प मौजूद है और आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी एआईएमआईएम की आवाज सुनाई देगी।
जंतर-मंतर आंदोलन का किया जिक्र
ओवैसी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष ने इतना जनदबाव बनाया कि सरकार को फैसला बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चलाए गए इस आंदोलन ने युवाओं की ताकत को साबित किया।


