रांची। राजस्व मामलों में आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सख्त रुख अपनाया है। समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित राजस्व संबंधी समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, अपर समाहर्त्ता रामनारायण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू मोहनलाल मरांडी, एलआरडीसी मुकेश कुमार, सभी अंचल अधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब, लापरवाही और शिकायतों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर मामलों को लंबित रखेंगे या कार्य में देरी करेंगे, उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करने वाले पदाधिकारियों के प्रति जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा।
लंबित म्यूटेशन मामलों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान अंचलवार लंबित म्यूटेशन मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन अंचलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक मिली, वहां के अंचल अधिकारियों को तत्काल निष्पादन करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक लंबित मामले की व्यक्तिगत निगरानी की जाएगी। किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
भूमि मापी के लिए प्रशिक्षित अमीनों की उपलब्धता के निर्देश
उपायुक्त ने राजस्व कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अमीनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने अपर समाहर्त्ता को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित अमीनों की प्रतिनियुक्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भूमि मापी सहित अन्य राजस्व कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।
उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और राजस्व प्रशासन में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


