मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढहने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। मृतकों में उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। घायलों का इलाज इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल में चल रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को घटना पर दुख जताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इमारत में कथित रूप से अवैध मरम्मत कार्य चल रहा था, जो बेहद गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मलबे से 14 लोगों को निकाला गया
ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार, भिवंडी के बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट गुरुवार देर रात ढह गया। हादसे के बाद एनडीआरएफ, टीडीआरएफ और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
अब तक मलबे से 14 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार घायल हैं। प्रशासन को आशंका है कि कुछ अन्य लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
गोंडा के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
मृतकों की पहचान शमीम शेख, रंजीत सिंह, सिराज रसूल शेख, संतोष कुमार पांडे, शमीम अंसारी, अशोक कुमार पासवान, राकेश कुमार पासवान, मुकेश कुमार पासवान, किश कुमार पासवान और एक अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है। इनमें अशोक, राकेश, मुकेश और किश कुमार पासवान उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले थे।
अशोक कुमार की पत्नी ने बताया कि वह चारों शव उत्तर प्रदेश ले जाना चाहती हैं, लेकिन उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उनका कहना है कि एंबुलेंस संचालक डेढ़ लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं।
इमारत पहले से खतरनाक घोषित थी
राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने घटनास्थल का दौरा कर बताया कि इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया गया था और नगर निगम ने इसे खाली भी करा दिया था। उनके अनुसार, भूतल पर मरम्मत कार्य चल रहा था और उसी दौरान यह हादसा हुआ।
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल भिवंडी पुलिस मामले की जांच कर रही है और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।


