रांची। समाहरणालय में शुक्रवार को पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने की। इस दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मियों को स्मृति चिन्ह, शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा सेवा समाप्ति के साथ ही सभी पेंशनरी लाभ उपलब्ध कराए गए।
समारोह में प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, स्थापना उपसमाहर्त्ता ज्योति वंदना कुजूर तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के परिजन भी उपस्थित रहे।
शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, बल्कि अपने ज्ञान, संस्कार और मूल्यों के माध्यम से पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए अपने सुझाव प्रशासन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप समूह के माध्यम से साझा करने की अपील की।
स्वास्थ्य, परिवार और समाज को दें समय
उपायुक्त ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मियों को नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह समय स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को समर्पित करने का है। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम एक घंटा स्वास्थ्य के लिए निकालने, नियमित व्यायाम करने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही आश्वस्त किया कि पेंशन संबंधी किसी भी समस्या के समाधान में जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।
समारोह में सुनील कुमार झा, विमलेश कुमार मिश्रा, अनिमा कुजूर, उमेश कुमार, दशरथ चन्द्र उरांव और सिसिलिया मिंज को सम्मानित किया गया।


