हजारीबाग। 13 माइल ट्रांसपोर्ट रोड पर हाईवा वाहनों पर हुई गोलीबारी के मामले में हजारीबाग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बड़कागांव थाना कांड संख्या 133/26 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रिंस खान गिरोह के संदिग्ध सदस्य अंकित कुमार पांडेय को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान अंकित के पैर में गोली लगी, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार, अंकित पिपराडीह निवासी अरुण कुमार पांडेय का पुत्र है। उसे पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में टेलीग्राम ऐप पर गैंगस्टर प्रिंस खान और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ हुई चैट मिलने के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले।
पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश
पुलिस टीम जब अंकित की निशानदेही पर हथियार और अन्य सामान बरामद करने के लिए बंद पड़े गैस प्लांट पहुंची, तभी उसने एक जवान को धक्का देकर पिस्तौल से पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अंकित के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया।
घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल, 7.62 एमएम का एक खोखा, एक मिस फायर गोली, एक जिंदा कारतूस, एक देसी बम और चार हस्तलिखित धमकी भरे पर्चे बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में किया बड़ा खुलासा
हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रांसपोर्टिंग वाहनों पर फायरिंग करने वाले प्रिंस खान गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने मुठभेड़ में आरोपित के घायल होने की भी पुष्टि की।
पुलिस पूछताछ में अंकित ने 25 जुलाई की रात 13 माइल ट्रांसपोर्ट रोड पर अपने साथियों के साथ मिलकर गोलीबारी करने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि पूरी घटना को प्रिंस खान गिरोह के नाम पर अंजाम दिया गया था, ताकि इलाके में दहशत फैलाई जा सके। घटना के दौरान धमकी भरे पर्चे भी छोड़े गए थे। आरोपित ने यह भी खुलासा किया कि घटना में इस्तेमाल हथियार और बम पिपराडीह गांव के पास स्थित एक बंद पड़े गैस प्लांट में छिपाए गए थे।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम तत्काल बरामदगी के लिए मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ हुई। पुलिस पूरे मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।


