नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के मालप्पुरम में अवैध विस्फोटकों की बरामदगी से जुड़े मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हारिस टीए को गिरफ्तार किया है। शनिवार को मालप्पुरम के मंजेरी से हुई इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
एनआईए के अनुसार, हारिस टीए अवैध विस्फोटकों की खरीद की साजिश में शामिल था। उसकी भूमिका सामने आने के बाद एजेंसी ने उसे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब एनआईए विस्फोटकों की अवैध खरीद, उनके परिवहन और इस पूरे नेटवर्क के पीछे की व्यापक साजिश की जांच कर रही है।
ट्रक से बरामद हुए थे हजारों विस्फोटक
यह मामला 7 फरवरी 2026 को मालप्पुरम के चेम्माड-थलाप्पारा रोड स्थित फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर में खड़े एक ट्रक से बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने से जुड़ा है। ट्रक की तलाशी के दौरान 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 शॉक ट्यूब बरामद किए गए थे।
केरल पुलिस ने ट्रक को रोककर उससे जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपितों के पास विस्फोटकों को रखने या उनके परिवहन के लिए जरूरी वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने इसे फिर से दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली।
तीन राज्यों में 19 स्थानों पर छापेमारी
मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने तीन राज्यों में 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एजेंसी को कई आपत्तिजनक सामग्री मिली। जांच के आगे बढ़ने पर विस्फोटकों की अवैध खरीद और उनकी आवाजाही से जुड़े कई अन्य लोगों की पहचान भी की गई।
एनआईए के मुताबिक, हारिस टीए मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। जांच में उसकी भूमिका बरामद विस्फोटकों की अवैध खरीद से जुड़ी सामने आई है। अब एजेंसी उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक कहां से खरीदे गए, उनके परिवहन की व्यवस्था किसने की और उन्हें आखिर किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
अब तक 10 आरोपित गिरफ्तार
हारिस की गिरफ्तारी से एक दिन पहले 7 अगस्त को एनआईए ने कर्नाटक के विजयपुरा से तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी एजेंसी इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एनआईए की जांच अब केवल विस्फोटकों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों की खरीद किस उद्देश्य से की गई थी। इसके अलावा विस्फोटक कहां से हासिल किए गए, उनके परिवहन और आपूर्ति की पूरी व्यवस्था किसने की और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
एजेंसी के अनुसार, मामले में व्यापक साजिश और विस्फोटकों की अवैध खरीद एवं आवाजाही से जुड़े नेटवर्क की जांच लगातार जारी है।


