मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के कोन विकासखंड स्थित मवैया गांव के 19 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी आशीष यादव ने अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर जिले और देश का नाम रोशन किया है। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में आशीष ने 74.09 मीटर का थ्रो कर दूसरा स्थान हासिल किया।
चैंपियनशिप के तीसरे दिन शनिवार को हुए फाइनल में आशीष ने अपने तीसरे प्रयास में 74.09 मीटर भाला फेंका। यह प्रदर्शन उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। इसी स्पर्धा में भारत के दूसरे खिलाड़ी टी. धरणीधरन 72.35 मीटर के प्रदर्शन के साथ छठे स्थान पर रहे।
आशीष की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह नीरज चोपड़ा के बाद अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप की भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं।
गांव के मैदान से विश्व मंच तक का सफर
आशीष यादव का जन्म 11 अप्रैल 2007 को एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने खेल करियर की शुरुआत गांव के पास स्थित चिकवा मैदान से की। घरेलू प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश और सेना का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
मार्च 2026 में पटियाला में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो प्रतियोगिता में आशीष ने अंडर-20 वर्ग का खिताब जीता था। इस दौरान उन्होंने 74.49 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके बाद लुधियाना में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में 72.27 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
तुमकुरु में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर अंडर-20 एथलेटिक्स महासंघ प्रतियोगिता में भी आशीष ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 73.12 मीटर भाला फेंककर रजत पदक अपने नाम किया था।
12 अगस्त को गांव लौटने का इंतजार
आशीष के विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन के बाद मवैया गांव में जश्न का माहौल है। उनके पिता अजय यादव, माता गुड्डी देवी और स्वर्ण पदक विजेता चाची मुन्नी देवी समेत पूरा गांव अब 12 अगस्त का इंतजार कर रहा है। इसी दिन आशीष के गांव लौटने की उम्मीद है।
ग्रामीण अपने होनहार खिलाड़ी के स्वागत की तैयारियों को लेकर उत्साहित हैं। आशीष की इस उपलब्धि को पूरे मीरजापुर और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया जा रहा है।


