मोतिहारी। मोतिहारी सदर के बैरिया मौजा स्थित खाता संख्या 109 की सरकारी गैरमजरुआ जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। करीब पांच बीघा जमीन, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है, उसके सौदे को लेकर प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मोतिहारी अंचल अधिकारी की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है।
कमेटी की सिफारिश के बाद शुरू हुई खरीद-बिक्री
जानकारी के अनुसार हनुमान शुगर मिल की जमीन की आड़ में सरकारी गैरमजरुआ जमीन की खरीद-बिक्री की गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अपर समाहर्ता की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने जमीन से रोक हटाने की सिफारिश की थी, जिसे तत्कालीन जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने अनुमोदित किया था। रिपोर्ट पर सदर एसडीएम, डीसीएलआर, सीओ, अवर निबंधक और अपर समाहर्ता के हस्ताक्षर भी थे।
वर्तमान डीएम ने लगाई रोक
मामला सामने आने के बाद वर्तमान जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने खाता संख्या 109, 110 और 106 की जमीनों की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी। जिला राजस्व कार्यालय के प्रधान लिपिक समेत तीन कर्मियों को हटाया गया और सीओ व अमीन को भौतिक सत्यापन कर अवैध कब्जा मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक मंजूरी के बाद हुई, तो कार्रवाई केवल एक राजस्व कर्मचारी तक ही क्यों सीमित रही। वहीं, प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद सीओ की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आने से कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अवैध निर्माण मिलने पर उसे हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।


