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बांकीपुर की हार के बाद आरजेडी में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, तेजस्वी यादव ने शुरू किया रीसेट अभियान

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी को जमीनी स्तर से मजबूत बनाने के लिए व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन का फैसला लिया है। चुनावी हार की समीक्षा के बाद पार्टी के भीतर बड़े बदलाव और नई रणनीति पर तेजी से काम शुरू हो गया है।

‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत निष्क्रिय नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी

तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया है कि अब पार्टी में केवल पद नहीं, बल्कि प्रदर्शन और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक संगठन की विस्तृत समीक्षा के बाद 200 से 300 से अधिक ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की तैयारी है, जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं या पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इस अभियान को पार्टी के अंदर ‘ऑपरेशन क्लीन’ के नाम से देखा जा रहा है।

प्रदेश से पंचायत स्तर तक कमेटियों का पुनर्गठन

संगठनात्मक स्तर पर भी व्यापक बदलाव तय माने जा रहे हैं। तेजस्वी यादव के निर्देश पर प्रदेश, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक की कमेटियों को भंग कर नई कमेटियों के गठन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नई टीम में सभी जाति और धर्म की आनुपातिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। खास तौर पर उन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां पार्टी का पारंपरिक जनाधार कमजोर हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव को लेकर भी सहमति बनने की चर्चा है और जल्द औपचारिक घोषणा हो सकती है।

बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर

तेजस्वी यादव अब केवल जनसभाओं और रैलियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठकर संगठन की गतिविधियों की निगरानी करेंगे और सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करेंगे। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने को पार्टी की प्रमुख प्राथमिकता बनाया गया है।

महागठबंधन और सरकार के खिलाफ नई रणनीति

गठबंधन को लेकर भी नई रणनीति तैयार की गई है। तेजस्वी यादव ने माना कि महागठबंधन के सहयोगी दलों की बूथ स्तर पर एकजुटता नहीं दिखने से आधार वोट में बिखराव हुआ। अब सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। महिलाओं को आर्थिक सहायता और व्यवसाय के लिए सहायता राशि देने जैसी सरकारी योजनाओं की विफलता, साथ ही नौकरी और रोजगार के वादों को पूरा नहीं करने के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में भी बढ़ेगा संगठन

हार के बाद तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आरजेडी कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 30 लाख से अधिक वोट मिले हैं। अब पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करना है और इसके लिए बिहार के बाहर भी संगठन के विस्तार की योजना पर काम किया जा रहा है।

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