बार-बार मुंह सूखना और लार का कम बनना अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन इसके पीछे थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन भी जिम्मेदार हो सकता है। थायरॉइड हार्मोन का स्तर कम या अधिक होने पर लार ग्रंथियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे मुंह में सूखापन महसूस होता है। इस स्थिति को जेरोस्टोमिया कहा जाता है।
थायरॉइड और मुंह सूखने के बीच क्या संबंध है
लार मुंह को स्वस्थ रखने के साथ भोजन चबाने और निगलने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंजाइम पाचन की शुरुआती प्रक्रिया में मदद करते हैं, जबकि कैल्शियम और फॉस्फेट दांतों को मजबूत रखने में सहायक होते हैं। थायरॉइड हार्मोन शरीर के चयापचय को नियंत्रित करते हैं और इनके असंतुलन का असर लार ग्रंथियों पर भी पड़ सकता है।
हाइपोथायरॉइडिज्म में घट सकती है लार
हाइपोथायरॉइडिज्म में थायरॉइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती। इससे शरीर की कई कोशिकाओं की गतिविधियां धीमी हो जाती हैं, जिसका असर लार ग्रंथियों पर भी पड़ सकता है। नतीजतन लार का उत्पादन कम होकर मुंह में सूखापन महसूस हो सकता है।
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस भी हाइपोथायरॉइडिज्म का प्रमुख कारण है। यह एक स्वप्रतिरक्षित स्थिति है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करती है। कुछ मरीजों में इसके साथ मुंह सूखने की समस्या भी देखी जा सकती है।
हाइपरथायरॉइडिज्म में भी हो सकती है परेशानी
थायरॉइड हार्मोन का स्तर अधिक होने पर भी मुंह सूख सकता है। हाइपरथायरॉइडिज्म में शरीर का चयापचय तेज होने से तरल पदार्थ की कमी हो सकती है। इसके अलावा चिंता और तनाव बढ़ने पर लार का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ग्रेव्स डिजीज जैसी स्थिति में भी मुंह सूखने की शिकायत हो सकती है।
थायरॉइड कैंसर के इलाज से भी हो सकता है ड्राई माउथ
थायरॉइड कैंसर के कुछ मरीजों के उपचार में रेडियोधर्मी आयोडीन का इस्तेमाल किया जाता है। इस उपचार से लार ग्रंथियों पर असर पड़ सकता है। इसके कारण मुंह सूखने के साथ स्वाद महसूस करने में परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
ड्राई माउथ से राहत के लिए क्या करें
मुंह सूखने की समस्या को कम करने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। बहुत अधिक नमक वाले भोजन, तंबाकू, शराब, कैफीन और कार्बोनेटेड पेय से बचना बेहतर है। नियमित रूप से मुंह और दांतों की सफाई करें। डॉक्टर की सलाह से शुगर-फ्री कैंडी या लार बढ़ाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल किया जा सकता है। रात में कमरे में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर भी मददगार हो सकता है।
इलाज में थायरॉइड नियंत्रण जरूरी
यदि ड्राई माउथ लगातार बना हुआ है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। डॉक्टर थायरॉइड की स्थिति के अनुसार दवा और अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में लार बढ़ाने वाली दवाएं, शुगर-फ्री उत्पाद और नियमित दंत जांच की जरूरत पड़ सकती है। थायरॉइड कैंसर के उपचार के बाद लंबे समय तक ड्राई माउथ रहने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना भी जरूरी है।
बार-बार मुंह सूखना कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए इसे केवल थायरॉइड से जोड़कर न देखें। यदि समस्या लगातार बनी रहती है या खाने-पीने और बोलने में परेशानी होने लगे तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।



