कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ के पास स्थित एक होटल में सोमवार तड़के भीषण अग्निकांड हुआ। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। घटना के बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मेघालय और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे मृतक
आधिकारिक तौर पर जारी मृतकों की सूची के अनुसार, मृतकों में पांच लोग मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स और तीन लोग पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के निवासी हैं। मृतकों की पहचान राजेंद्र नाथ, आशा नाथ, बुरन मोदक, 10 वर्षीय शिवराज मोदक, 8 वर्षीय औशनाथ मोदक, कमल रॉय, अमित पाल और सुबीर साहा के रूप में हुई है।
घटना के समय होटल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरे हुए थे। ये सभी मां तारा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए तारापीठ पहुंचे थे। पुलिस और अग्निशमन विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद आठ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि घटना में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ित परिवारों के लिए उचित वित्तीय सहायता और मुआवजे का भी ऐलान करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट, स्थानीय विधायक ध्रुबा साहा और अग्निशमन विभाग के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक कड़ी सजा दी जाएगी।
34 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
हादसे में 34 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि एक झुलसे व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुरक्षित बचाए गए लोगों में पटना की अर्चना सिंह, युवराज सिंह और अनुभव सिंह, दिनहाटा के सुभादियो साहा, परिणीता साहा, विश्वनाथ साहा और माणिक साहा शामिल हैं।
इसके अलावा दमदम के तपन ज्योति मंडल, कल्याणी मंडल, पियाली मंडल, मुनमुन मंडल, 10 वर्षीय तियासा मंडल, 8 वर्षीय कौसानी मंडल, रोजीना खातून, चकदह थाना क्षेत्र के दिलीप कुमार पाल, नारायण पाल, नारायण दास, सत्या बिस्वास और भोला शर्मा को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मेघालय के गणेश डे, चंद्रिका नाहा, दोलोन नाहा, माधबी मोदक, जितिप्रिया नाहा और झर्ना डे समेत उत्तम दास, मितालीस साहा, बिजय कृष्णा सिंह, भास्कर साहा, मलय सूत्रधार, मनोज प्रमाणिक, राजदीप तिवारी, टुम्पा पांडे और सुभजीत तिवारी को भी बचा लिया गया है।



