जोधपुर। जोधपुर एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल से रविवार सुबह नियमित उड़ानों का संचालन शुरू हो गया। पहली फ्लाइट से पहुंचे यात्रियों का कुमकुम तिलक, ढोल-थाली की मंगलध्वनि और लंगा-मांगणियार कलाकारों की लोक प्रस्तुतियों के साथ पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पहली उड़ान के यात्रियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। पहली उड़ान के यात्री चंद्रवीर सिंह को उन्होंने टिकट और स्वागत किट भेंट की। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए यात्रियों के साथ केक भी काटा गया।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पत्रकारों से बातचीत में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नए टर्मिनल से यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को उद्घाटन के दौरान 12 जुलाई से संचालन शुरू करने का जो वादा किया गया था, उसे समय पर पूरा कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 की तुलना में जोधपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों और उड़ानों की संख्या दस गुना से अधिक बढ़ चुकी है। वर्तमान में जोधपुर देश के अधिकांश प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ चुका है और पर्यटन सीजन में इसकी कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाती है।
भविष्य में अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल बनने की भी क्षमता
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नए टर्मिनल का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इसमें न्यूनतम बदलाव कर इसे अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में जोधपुर को 42 नई रेलगाड़ियों की सौगात भी मिली है, जिससे क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है।
बातचीत के दौरान जोधपुर के प्रसिद्ध व्यंजनों का जिक्र करते हुए शेखावत ने चौधरी का मिर्ची बड़ा, सूरसागर का समोसा, प्याज की कचौरी और चतुर्भुज के गुलाब जामुन को शहर की पहचान बताया।
