नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोला है। बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने महबूबा मुफ्ती पर आतंकवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया।
गिरिराज सिंह ने साधा निशाना
गिरिराज सिंह ने कहा कि महबूबा मुफ्ती लंबे समय तक आतंकियों के साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि एक समय उनकी पार्टी ने भी महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार चलाई और उन्हें सही रास्ते पर लाने का प्रयास किया गया, लेकिन बदलाव नहीं होने पर अलग होने का फैसला लिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने महबूबा मुफ्ती को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह आतंकवादियों का साथ देने वाली नेता रही हैं।
अनुच्छेद 370 हटाने को बताया ऐतिहासिक फैसला
गिरिराज सिंह ने पांच अगस्त को देश के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि जिस तरह 15 अगस्त और 26 जनवरी महत्वपूर्ण तारीखें हैं, उसी तरह पांच अगस्त भी अहम है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले से सरदार वल्लभभाई पटेल के सपने और देश के करोड़ों लोगों की आकांक्षाएं पूरी हुईं।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद ‘एक राष्ट्र, एक झंडा, एक प्रधानमंत्री और एक संविधान’ की व्यवस्था मजबूत हुई है।
2019 में हटाया गया था अनुच्छेद 370
गौरतलब है कि पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किया गया था।
इस फैसले के बाद भाजपा और केंद्र सरकार समर्थक संगठन हर साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ के रूप में मनाते हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर की कई क्षेत्रीय पार्टियां इस फैसले का विरोध करती रही हैं और विशेष दर्जा बहाल करने की मांग उठाती रही हैं। इसी क्रम में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर विरोध प्रदर्शन किया।


