राजौरी। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में रविवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश के बाद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। विभिन्न घटनाओं में अब तक तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचाव और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
सुरनकोट सबसे अधिक प्रभावित, कई घर क्षतिग्रस्त
अधिकारियों के अनुसार सुरनकोट तहसील सबसे अधिक प्रभावित हुई है। नूनाबंदी गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान ढह गया, जिसमें 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और तीन बच्चे घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लोअर मुर्राह क्षेत्र में भी एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिसके बाद मकान मालिक मोहम्मद लतीफ समेत परिवार के छह सदस्य लापता हो गए। उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
मरहोट क्षेत्र में एक नाले में डूबने से इरम नाम की एक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि धुंडक लाथूंग पुल के पास एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया है।
बाढ़ से सड़कें और वाहन बहे, शिव खोरी यात्रा रोकी गई
अचानक आई बाढ़ से कई वाहन बह गए और सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। राजौरी शहर से गुजरने वाली दरहाली नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी, जिससे कई रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी भर गया। बेला स्थित नए बस अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है।
भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए एहतियातन रियासी जिले में श्री शिव खोरी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों से कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, राहत कार्य जारी
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राजौरी और रियासी जिलों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अगले कुछ दिनों तक जम्मू क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा कर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, राज्य आपदा मोचन बल और स्थानीय स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अपना दिल्ली दौरा छोटा कर जम्मू लौटने का भी निर्णय लिया है।


