अमेरिका और ईरान के बीच भारी तनातनी, नौसैनिक गोलीबारी और भीषण धमाके

तेहरान/वाशिंगटन : ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति समझौते की नाजुक वार्ता के बीच सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास अचानक सैन्य तनाव बढ़ने से स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीती रात ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) की नौसेना ने अमेरिकी स्वामित्व वाले एक तेल टैंकर पर अंधाधुंध गोलीबारी की। बताया जा रहा है कि इस टैंकर ने अपना रडार तंत्र बंद करके चुपचाप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास किया था। इस दुस्साहस के करारे जवाब में अमेरिकी नौसेना ने दक्षिणी ईरान के मुख्य बंदरगाह शहर और आईआरजीसी के गढ़ ‘बंदर अब्बास’ के आस-पास भीषण जवाबी गोलाबारी और बमबारी की है।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जवाबी हमले में ईरान के चार आत्मघाती ड्रोन विमानों को हवा में ही मार गिराया गया। इसके साथ ही बंदर अब्बास शहर में स्थित एक प्रमुख भूमिगत नियंत्रण केंद्र को भी मिसाइल दागकर तबाह कर दिया गया, जहाँ से ईरानी सेना पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की अंतिम तैयारी कर रही थी। इस सिलसिलेवार धमाकों से तटीय इलाकों के नागरिक बेहद दहशत में हैं और अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है।

इस बीच, वाशिंगटन स्थित राष्ट्रपति कार्यालय ‘ओवल ऑफिस’ में लौटने के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कैबिनेट की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष और शांति वार्ता का मुद्दा सबसे अधिक हावी रहा। वर्तमान में इस भू-राजनीतिक संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप पर चौतरफा राजनीतिक दबाव है। बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि हम ईरान के साथ एक बेहतरीन और ऐतिहासिक समझौता करना चाहते हैं, लेकिन ऐसा कोई भी समझौता जो संतोषजनक न हो और अमेरिकी राष्ट्रीय व व्यापारिक हितों को पूरा न करता हो, हमें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं होगा।

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