जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या के बाद उपजा जनाक्रोश और तनाव बुधवार को और ज्यादा गहरा गया है। तड़के एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद परिजनों ने शव को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन ने उनकी सहमति और मौजूदगी के बिना ही आनन-फानन में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की है, जिससे वे बेहद आहत हैं।
इस गतिरोध के बाद आदित्यपुर के हरिओम नगर स्थित मृतक के आवास पर भारी तनाव व्याप्त है। सुबह से ही बड़ी संख्या में रिश्तेदार, समर्थक, स्थानीय लोग और विभिन्न राजनैतिक-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
विधायक सरयू राय पहुंचे पीड़ित परिवार के पास, मांगों का किया समर्थन
जमशेदपुर पश्चिम के वरिष्ठ विधायक सरयू राय भी बुधवार को मृतक हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर इस दुखद घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया। विधायक सरयू राय ने जिला प्रशासन और पुलिस से दोटूक शब्दों में कहा कि इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई हो जो मिसाल बने।
परिजनों की मुख्य मांगें: जिन पर अड़ा है पेंच
परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक या सरकारी स्तर से कोई लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- हत्याकांड के सभी नामजद और मुख्य आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाए।
- दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सख्त से सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित हो।
- पीड़ित परिवार के एक सदस्य को राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजे की आधिकारिक घोषणा की जाए।
इलाके में भारी पुलिस बल और QRT तैनात, आला अधिकारी संभाल रहे कमान
मामले की संवेदनशीलता और लोगों के गुस्से को देखते हुए जिला प्रशासन ने हरिओम नगर और उसके आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती की गई है।
दूसरी ओर, परिजनों को समझाने और इस गतिरोध को समाप्त कराने के लिए सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रकाश, नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) ललित मीना और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) शुभम कुमार खंडेलवाल सहित जिले के कई आला अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। अधिकारी लगातार परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से वार्ता कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल गतिरोध टूटने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड को लेकर पूरे शहर की निगाहें अब प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
