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मुंह से आंत तक शराब कैसे पहुंचाती है नुकसान? जानिए शरीर के किन अंगों पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर

अक्सर माना जाता है कि शराब केवल लिवर को नुकसान पहुंचाती है, लेकिन चिकित्सा शोध बताते हैं कि शराब का असर मुंह से लेकर बड़ी आंत तक पूरे पाचन तंत्र पर पड़ता है। लंबे समय तक या अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से मुंह, खाने की नली, पेट, छोटी आंत, पैंक्रियाज और बड़ी आंत सहित कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। विभिन्न शोध संस्थानों, जैसे National Cancer Institute, NIAAA, NCBI और Harvard Health, ने शराब से जुड़े कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का उल्लेख किया है।

मुंह और गले पर असर

शराब मुंह की लार को कम कर सकती है, जिससे बैक्टीरिया बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इससे दांतों की सड़न, मसूड़ों की समस्या और मुंह के छाले हो सकते हैं। लंबे समय तक अत्यधिक शराब पीने वालों में मुंह, जीभ और गले के कैंसर का खतरा भी बढ़ा हुआ पाया गया है, विशेषकर जब शराब के साथ तंबाकू का सेवन भी किया जाता हो।

खाने की नली (एसोफैगस) को नुकसान

मुंह के बाद शराब सीधे खाने की नली से होकर गुजरती है। बार-बार शराब पीने से इसकी अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है। इससे एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन, खट्टी डकार और लंबे समय में बैरेट एसोफैगस जैसी स्थिति विकसित हो सकती है, जो एसोफैगस कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है।

पेट पर प्रभाव

शराब पेट की अंदरूनी परत (गैस्ट्रिक म्यूकोसा) को नुकसान पहुंचा सकती है और पेट में एसिड का स्तर बढ़ा सकती है। इसके कारण गैस्ट्राइटिस, पेट दर्द, उल्टी, अपच और लंबे समय में अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खाली पेट शराब पीने से यह जोखिम और बढ़ जाता है।

छोटी आंत में पोषण अवशोषण पर असर

छोटी आंत विटामिन बी12, फोलिक एसिड, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्वों को अवशोषित करती है। अत्यधिक शराब इस प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है, जिससे पोषण की कमी, एनीमिया, कमजोरी और हड्डियों के कमजोर होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

पैंक्रियाज पर गंभीर असर

पैंक्रियाज इंसुलिन और पाचन एंजाइम बनाने का काम करता है। शराब पैंक्रियाज में सूजन (पैंक्रियाटाइटिस) का प्रमुख कारण बन सकती है। लंबे समय तक सेवन करने पर क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस, कुपोषण और मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है।

बड़ी आंत और गट हेल्थ पर प्रभाव

शराब बड़ी आंत और गट माइक्रोबायोम को भी प्रभावित करती है। यह लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या कम कर सकती है, जिससे पाचन गड़बड़ा सकता है, सूजन बढ़ सकती है और बड़ी आंत (कोलोरेक्टल) के कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

यदि शराब पीने के बाद या लंबे समय तक शराब सेवन करने पर निम्न लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है:

  • पेट में लगातार जलन या दर्द
  • सीने में जलन
  • बार-बार उल्टी
  • मल में खून आना
  • मल का रंग काला होना
  • तेजी से वजन कम होना
  • लगातार थकान
  • खून की कमी
  • लंबे समय तक दस्त या कब्ज

विशेषज्ञों के अनुसार, शराब का प्रभाव केवल लिवर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा पाचन तंत्र इससे प्रभावित हो सकता है। अच्छी बात यह है कि समय रहते शराब छोड़ने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से कई मामलों में शरीर धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ सकता है।

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